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  • योग और संगीत का संश्लेषण
    *निरोगी जीवन का मंत्र है योग और संगीत*योग और संगीत दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। विभिन्न शोध और अध्ययनों में इस बात की पुष्टि की गई है कि संगीत…More
  • अविराम खोज…
    तुम बसो उस पार तोइस पार दुनियाक्यों बसाऊंँ?पूछती हर राह,मंज़िल पिया कीकिस राह…मैं घर बनाऊँ?ऐ चांँद! कुछ तो बता देवो चांँदनी…कहांँ से लाऊंँ?चलूंँ, तारों के पथ परया उल्का सीबहती जाऊंँऐ…More
  • ओ मांँ ! …तुझे प्रणाम
    जिसका स्पर्श हर दु:ख-दर्द की दवा जिसका आंँचल तन में शक्ति प्रवाह जिसके चरणों में हीजमीं-आसमां और मंदिर सी ठंडकबन प्राण और श्वास अस्तित्व अपना लगादाँव परपल-पल सींचेनव पल्लवित संसारतुमसे…More
  • लघुकथा: नेताजी कहिन
    “साहब किसी तरह एम्बुलेंस निकलवाने के लिए रास्ता दिला दीजिए। मेरी गर्भवती पत्नी की हालत बहुत खराब है, उसे लेकर शीघ्र ही अस्पताल पहुंँचना है।” तरुण ने पुलिस इंस्पेक्टर से…More
  • Lamb’s Humour and Pathos in Charles Lamb’s Essays हास्य और करुणा:-
    Final script* 27Ap.2022 परिचय:– चार्ल्स लैम्ब अंग्रेजी साहित्य के महानतम निबंधकारों में से एक हैं। उन्होंने निबंध लेखन की कला को पूर्णता प्रदान की। वे निबंध लेखन की शैली में…More
  • अभिलषित
    जब तुम पास होते हो तो मैं व्यस्त,जब मैं साथ होना चाहूंँतो तुम व्यस्त,कभी तुम व्यस्ततो कभी मुझे फुर्सत नहीं…सब अपनी ही दुनिया में हैं मस्त और हम…बन गए हैं…More
  • जीवन संतोष
    जो तुझे निखार दे तेरे रूप की विभा कोचिरंतन सौंदर्य दे,यही मेरा मान है।तेरी शिराओं में प्रभावित जीवन-तरंगों का संगीत,जो तुझे अनंत आनंद दे,मेरी तृप्ति का सागर है।संपूर्ण अमृत उड़ेलतासुखी…More
  • श्रुतिहीन पुकार💖
    यह कहनाकि तुम्हें याद करती हूंँसुबह के धुंधलके में औररात के चढ़ते पहर मेंपुकारती हूंँ तुम्हें तुम्हारा नाम लेकर सरासर झूठ है क्योंकि… मैं स्वरहीन हूंँ।मेरे मन पर जम गई…More
  • तेरे नाम🌹🌹
    हर श्लोक, छंद कोकरूंँ प्रणामएक गीत लिखूँआज…तेरे नाम।मन पगडंडी परसुरभित…वनमाली की चरण धूलअलस-भोर केअचरज पल मेंअर्पित…ईश चरणों का फूल।पूरब की ओट से झाँकेश्वेत-किरणप्रभात कीमन मुक्ता होबने गहन सागर की मणिउस…More
  • काव्यानुभूति
    तुम्हें केवल छंद कहूंँ,अलंकारों से सुसज्जितया कहूंँ लय विहीनमुक्तछंद…तो कुछ अधूरा है।तुम हो…विचारों का सागर,मैं उसकी एक धारा हूंँ।जीवन तट को छूतीमैं हूँ प्रथम किरणदिनकर की,तुम हो भावना उषा कीजो…More

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